ग्राम मलया-2 में कोटेदार के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा राशन घोटाले के आरोप, हटाने की मांग पर अड़े ग्रामीण
जनपद पंचायत बुढार के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मलया-2 में शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने मौजूदा सेल्समैन/कोटेदार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए उसे तत्काल हटाने की मांग की है।
ग्रामीणों द्वारा पंचायत को सौंपे गए आवेदन में कहा गया है कि कोटेदार द्वारा राशन वितरण में अनियमितताएं, वजन में हेराफेरी और पात्र हितग्राहियों को उचित मात्रा में अनाज न देने जैसी शिकायतें लंबे समय से चल रही हैं। बार-बार चेतावनी देने के बावजूद कोटेदार अपनी मनमानी पर उतारू है।
गांव के लोगों ने बताया कि कई बार कोटेदार द्वारा समय पर राशन वितरण नहीं किया जाता, कभी वजन में कटौती कर दी जाती है तो कभी राशन की पूरी मात्रा नहीं दी जाती। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कोटेदार गरीब परिवारों को धमकाता है और कहता है कि “ऊपर से ऑर्डर है, जो मिलेगा वही लो।”
आवेदन पर ग्रामीणों — सियाराम सिंह, राजाराम, रामसागर, बैजनाथ, सुनील सिंह, राजेन्द्र, सुमित्रा बाई सहित कई लोगों के हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने पंचायत सचिव देवेन्द्र सिंह और सरपंच को पत्र सौंपकर स्पष्ट कहा है कि यदि इस भ्रष्ट कोटेदार को नहीं हटाया गया, तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करेंगे और जनपद मुख्यालय का घेराव करेंगे।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि कोटेदार द्वारा राशन कार्डधारकों की सूची में भी गड़बड़ी की गई है। कई पात्र परिवारों को महीनों से राशन नहीं मिल रहा है जबकि कुछ अपात्र लोगों को नियमित रूप से वितरण किया जा रहा है। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर प्रशासन ऐसे व्यक्ति को क्यों बचा रहा है जो गरीबों का हक खा रहा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जिला आपूर्ति अधिकारी और जनपद पंचायत बुढार के अधिकारी जल्द कार्रवाई नहीं करते हैं तो वे सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने मांग की है कि मौजूदा कोटेदार को तुरंत हटाकर किसी ईमानदार और निष्पक्ष व्यक्ति को दुकान का संचालन सौंपा जाए ताकि पात्र हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं का सही लाभ मिल सके।
👉 अब देखना यह होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की इस सामूहिक शिकायत पर कितनी तत्परता दिखाता है — क्या भ्रष्ट कोटेदार पर कार्रवाई होगी या फिर एक बार फिर ग्रामीणों की आवाज़ फाइलों में दबा दी जाएगी।

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