शहडोल दोहरी हत्याकांड: कैमरे में कैद हुई मौत, रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो — प्रशासन की आंखें अब खुलीं या देर हो चुकी?
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के बलबहरा गांव की रात अब कभी नहीं भूल सकेगा यह इलाका।
मंगलवार की रात हुए दो सगे भाइयों राहुल और राकेश तिवारी की निर्मम हत्या ने पूरे ज़िले को हिला दिया।
अब इस हत्याकांड का एक एक्सक्लूसिव वीडियो सामने आया है, जिसने हर देखने वाले को सन्न कर दिया है।
वीडियो में दिखता है कि कैसे दीप जलाने पहुंचे दोनों भाई अपनी दुकान में बैठे थे, तभी गांव के ही अनुराग शर्मा, धनेश शर्मा, नयन पाठक और नीलेश कुशवाहा सहित कई लोग हथियार लेकर दुकान में घुसते हैं।
पलक झपकते ही माहौल हिंसा में बदल जाता है — लाठियों और धारदार हथियारों से बेरहमी से हमला शुरू हो जाता है।
हर वार के साथ दर्द की चीख गूंजती है, लेकिन कोई रोकने वाला नहीं।
वीडियो के ये दृश्य इतने भयावह हैं कि देखने वालों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
हमले के बाद दोनों भाइयों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने राकेश को मृत घोषित किया, जबकि राहुल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
मरने से पहले राहुल ने अपने मोबाइल में एक आखिरी बयान रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने साफ कहा —
> “यह मेरा आखिरी बयान है… इन्हीं लोगों ने हमें मारा है।”
उसके शब्द अब हर दिल में गूंज रहे हैं।
घटना के बाद बुधवार सुबह बुढार नेशनल हाईवे-43 पर सन्नाटा नहीं, बल्कि गुस्से का सैलाब उमड़ पड़ा।
सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए और न्याय की मांग करते हुए चक्का जाम कर दिया।
इस दौरान वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और घंटों तक यातायात ठप रहा।
परिजनों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए कि पुलिस पहले से ही कुछ आरोपियों से मिली हुई थी,
जिसकी वजह से अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हुए कि उन्होंने खुलेआम यह वारदात अंजाम दे दी।
यह वही केशवाही चौकी क्षेत्र है, जहाँ 3 अक्टूबर को दुर्गा विसर्जन के दौरान पथराव की घटना के बाद भी प्रदर्शन हुआ था।
तब लोगों ने प्रशासन से चौकी प्रभारी आशीष झारिया को हटाने की मांग की थी,
लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की और झारिया अपनी कुर्सी पर बने रहे।
अब जब उसी चौकी के क्षेत्र में इतनी दर्दनाक दोहरी हत्या हुई,
तभी शहडोल एसपी ने चौकी प्रभारी झारिया को लाइन हाजिर कर दिया।
लोगों में यह सवाल गूंज रहा है —
> “क्या प्रशासन इसी दिन का इंतज़ार कर रहा था?
जब दो लाशें गिरें, तब आंखें खुलें?”
फिलहाल पुलिस ने मुख्य आरोपी अनुराग शर्मा समेत सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी है।
लेकिन बलबहरा के इस दर्दनाक मंजर ने एक गहरी सच्चाई उजागर कर दी है —
न्याय की आवाज़ अक्सर तब सुनी जाती है, जब बहुत देर हो चुकी होती है।
और अब इलाके में एक ही सवाल गूंज रहा है —
> “क्या सच में न्याय मिलेगा या कुछ दिन बाद आरोपियों को फिर से ‘प्रभावशाली दबावों’ के आगे छोड़ दिया जाएगा?”

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