Updated On: 02 Nov, 2025

रसमोहनी में अपराधों का साम्राज्य! जुआ, रेत, कबाड़ और चोरी से बेहाल जनता — पुलिस मूकदर्शक

📰 ख़बर Tap स्पेशल रिपोर्ट
रसमोहनी में अपराधों का साम्राज्य! जुआ, रेत, कबाड़ और चोरी से बेहाल जनता — पुलिस मूकदर्शक
रसमोहनी/जैतपुर से ख़बर Tap संवाददाता की स्पेशल रिपोर्ट।
रसमोहनी क्षेत्र में अपराध का ग्राफ दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। कभी जुआ का अड्डा, कभी अवैध रेत परिवहन, तो कभी कबाड़ के नाम पर चोरी का सामान — अपराधों की इस चेन ने पूरे इलाके में कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बीट प्रभारी और थाना पुलिस की लापरवाही के कारण अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब उन्हें किसी का डर नहीं रहा।
🔸 लगातार बढ़ती चोरी की वारदातें, पुलिस सिर्फ बयानबाज़ी तक सीमित
सगरा टोला, रामोहनी, भटिया, जैतपुर खम्हीडोल और आसपास के इलाकों में बीते चार महीनों में 25से ज़्यादा चोरी की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि हर बार पुलिस मौके पर पहुँचती तो है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ “जांच जारी है” कहकर मामलों को ठंडे बस्ते में डाल देती है।
चोरी के बाद ना तो सामान बरामद होता है और ना ही आरोपी पकड़े जाते हैं।
एक ग्रामीण ने कहा — “रात में चोर घर में घुस जाते हैं, पर पुलिस को भनक तक नहीं लगती। रिपोर्ट लिखवाने जाओ तो बीट प्रभारी बस गोल-मोल जवाब देकर टाल देते हैं।”

🔸 जुआ और रेत माफिया का खुला खेल — ‘सब सेट है’ का दावा
रसमोहनी में जुआरियों का जाल गहराता जा रहा है। शाम ढलते ही खेतों और गाँव के किनारे जुआ के ठिकाने सज जाते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले जुआ में कार्यवाही हुई पर सिर्फ़ नाम मात्र का कई बार स्थानीय लोगों ने इनकी शिकायत की, पर कार्रवाई नहीं हुई।
वहीं, रेत माफिया भी रातों-रात ट्रैक्टरों में रेत भरकर अवैध परिवहन कर रहे हैं। ग्रामीण बताते हैं कि बीट प्रभारी की मिलीभगत से रेत का यह गोरखधंधा वर्षों से चल रहा है। और सबसे ज्यादा अवैध कार्य रसमोहनी बीट में ही होता है

एक निवासी ने बताया — “रात में ट्रैक्टर की आवाज़ें साफ सुनाई देती हैं। थाना से 10 किलोमीटर के दूरी पर कई जगह अवैध रेत भराई होती है, पर पुलिस को फर्क नहीं पड़ता।”
🔸 कबाड़ के नाम पर चोरी का धंधा — पुलिस की आँखों के सामने चल रहा कारोबार

इलाके के कई कबाड़ी चोरी के सामानों का ठिकाना बने हुए हैं। घरों और दुकानों से चोरी हुआ लोहा, बाइक पार्ट्स, मोटर और इलेक्ट्रॉनिक सामान इन्हीं के गोदामों में पहुँचता है।
लोगों का आरोप है कि पुलिस को इन कबाड़ियों की पूरी जानकारी है, लेकिन रिश्वतखोरी और मिलीभगत के कारण कोई कार्रवाई नहीं की जाती।

यह सवाल अब बड़ा होता जा रहा है — जब चोरी के बाद सामान कबाड़ बाजार में मिल जाता है, तो पुलिस के हाथ खाली क्यों हैं?
🔸 बीट प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह की भूमिका पर उठ रहे गंभीर सवाल
बीट प्रभारी पर आरोप है कि वे हर बार “जांच चल रही है” या “अभी रिपोर्ट तैयार हो रही है” कहकर पीड़ितों को गुमराह करते हैं।
कई बार तो रिपोर्ट दर्ज करने में भी टालमटोल की जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की इस ढीली नीति के कारण अपराधियों के हौसले और बढ़ गए हैं।
एक व्यापारी ने बताया — “हमारे दुकान से चोरी हुई, शिकायत करने गए तो बोला कि हम देख लेंगे। 6 महीने हो गए, पर कोई कार्यवाही नहीं हुई”
🔸 प्रशासन की चुप्पी और जनता में उबाल
रसमोहनी के लोग अब कानून व्यवस्था से निराश हो चुके हैं। न तो नियमित गश्त होती है, न ही अपराधियों पर दबाव बनाया जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि वे रात में घर के बाहर निकलने से डरते हैं। महिलाएँ तक सुरक्षित महसूस नहीं करतीं।

एक महिला ने कहा — “रात में आवाज़ आती है तो लगता है चोर आ गए। पुलिस को फोन करो तो कहते हैं सुबह आना, थाना आ कर रिपोर्ट दर्ज करो हम देखेंगे।”
🔸 जनता की चेतावनी — कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन

स्थानीय लोगों ने अब चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए, तो वे सामूहिक आंदोलन करेंगे।
लोगों का कहना है कि पूरे मामले की शिकायत जल्द ही कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से की जाएगी।
स्थानीय युवको ने कहा — “अब बहुत हो गया। अगर पुलिस नहीं जागी, तो हम सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। जनता खुद अपनी सुरक्षा करेगी।”
🔸 प्रशासन से जनता की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से माँग की है कि:
1. चोरी के पुराने मामलों की पुनः जांच की जाए।
2. कबाड़ी और अवैध रेत परिवहन करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
3. रात्री गश्त बढ़ाई जाए और बीट प्रभारी की भूमिका की समीक्षा की जाए।
4. जुआ अड्डों और संदिग्ध स्थानों पर लगातार छापेमारी की जाए।
⚠️ अगर पुलिस नहीं जागी, तो अपराधियों का गढ़ बन जाएगा रसमोहनी
रसमोहनी क्षेत्र आज अपराध की गिरफ्त में है। जुआ, रेत, कबाड़ और चोरी — इन चारों अपराधों ने यहाँ के समाज को असुरक्षित बना दिया है।
बीट प्रभारी की ढिलाई, थाने की निष्क्रियता और प्रशासन की चुप्पी ने अपराधियों को इतना मजबूत बना दिया है कि अब वे खुलेआम चुनौती दे रहे हैं।
अगर समय रहते पुलिस नहीं चेती, तो रसमोहनी वह नाम बन जाएगा जहाँ अपराध कानून से बड़ा और जनता कानून से बेबस हो जाएगी।