Updated On: 03 Nov, 2025

भरूहा पंचायत में करोड़ों का खेल! ग्रेवल रोड बनी सिर्फ़ फाइलों में — लाखों रुपये ग़ायब, ज़मीन पर बस पत्थरों का जाल

स्थान: ग्राम पंचायत भरूहा, जनपद पंचायत बुढार, जिला शहडोल (मध्यप्रदेश)

ख़ास रिपोर्ट: ख़बर Tap — देवकांत मिश्रा की ग्राउंड इन्वेस्टिगेशन


ग्राम पंचायत भरूहा में विकास के नाम पर बड़ा भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। सरकार से आए लाखों रुपये सड़क निर्माण पर खर्च दिखा दिए गए, लेकिन ज़मीन पर सड़क का नामोनिशान तक नहीं।

कागज़ों में “ग्रेवल रोड निर्माण पूर्ण” लिखा है, पर असलियत में वहाँ सिर्फ़ बड़े-बड़े पत्थरों का ढेर पड़ा है। ये पत्थर ऐसे हैं कि पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है।


कागज़ी सड़क — हकीकत में लापरवाही की मिसाल

जनपद पंचायत बुढार ने भरूहा पंचायत के मुख्य मार्ग पर ग्रेवल रोड बनाने के लिए लाखों रुपये स्वीकृत किए थे। शुरू में कुछ मिट्टी डाली गई, थोड़े पत्थर बिछाए गए और फिर काम रोक दिया गया।

इस अधूरे काम को बाद में फाइलों में “पूरा” बताकर माप-पास और भुगतान कर दिया गया।

यानि न सड़क बनी, न जवाबदेही तय हुई, लेकिन सरकारी पैसे का हिसाब पूरा दिखा दिया गया।


ख़बर Tap की पड़ताल में बड़ा घोटाला उजागर -

ख़बर Tap की टीम जब भरूहा पहुँची, तो सामने की तस्वीर चौंकाने वाली थी —

> सड़क नहीं, बल्कि सिर्फ़ बड़े-बड़े असमतल पत्थरों का मैदान, जिन पर चलना किसी सज़ा से कम नहीं। दृश्य साफ़ बताता है कि “विकास” सिर्फ़ रिपोर्ट में है, ज़मीन पर लापरवाही और भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हैं।


आख़िर प्रशासन मौन क्यों?

इतना बड़ा घोटाला सामने आने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। न कोई जांच, न कोई नोटिस, न किसी अधिकारी का दौरा

> क्या जनपद से लेकर जिला स्तर तक कोई जानबूझकर इस फाइल को दबा रहा है? क्या अधिकारियों की मिलीभगत से ही इतना बड़ा भ्रष्टाचार संभव हुआ?

गाँव के लोग अब सवाल पूछ रहे हैं कि अगर सड़क नहीं बनी, तो भुगतान कैसे हो गया?


विकास के नाम पर धोखा, जनता हुई परेशान -

ग्रामीण बताते हैं कि जिस सड़क पर ग्रेवल बिछाई जानी थी, वहाँ अब सिर्फ़ पत्थर बिखरे पड़े हैं।

> “यह सड़क नहीं, मौत का रास्ता है,” एक ग्रामीण ने कहा। सड़क बनने के नाम पर धूल, पत्थर और दर्द ही मिला है।


ग्रामीणों ने उठाई जांच की माँग — लोकायुक्त तक पहुँचाने की तैयारी -

ग्राम पंचायत भरूहा के लोगों ने अब तय किया है कि वे इस पूरे मामले की शिकायत कलेक्टर शहडोल और लोकायुक्त रीवा से करेंगे।

> “अब बस झूठे विकास का खेल बंद होना चाहिए। सड़क ज़मीन पर बने, फाइलों में नहीं।”


ख़बर Tap का सवाल — क्या प्रशासन भी शामिल है इस खेल में?

इतना बड़ा भ्रष्टाचार उजागर होने के बावजूद जिला प्रशासन की संदिग्ध चुप्पी अब खुद सवालों के घेरे में है।

> क्या अधिकारी भी इस घोटाले में हिस्सेदार हैं?

या फिर यह फाइल भी बाकी मामलों की तरह दबा दी जाएगी?


ख़बर Tap इस मामले को आगे भी फॉलो करेगा, ताकि जनता को सच्चाई मिल सके और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो।

> “भरूहा की वो सड़क — जहाँ ग्रेवल की जगह बड़े-बड़े पत्थर बिछे हैं, और प्रशासन अब भी मौन है। कागज़ों में सड़क चमकती है, ज़मीन पर बस भ्रष्टाचार दिखता है।”