Updated On: 16 Nov, 2025

नियम ध्वस्त, वसूली मस्त! हनुमना टोल का काला राज! FASTag बंद… कैश की खुली वसूली, पत्रकार को धक्का देकर राज़ दबाने की कोशिश?

मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले में स्थित हनुमना टोल प्लाज़ा एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह बेहद गंभीर है। यहाँ जिस तरह FASTag सिस्टम को जानबूझकर बंद करके अवैध वसूली की जा रही है, वह सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि आम जनता के साथ खुली लूट है। टोलकर्मी 15–20 ट्रकों की लंबी कतार लगवाते हैं और फिर ड्राइवरों से खुलेआम 500 से 1000 रुपये तक की वसूली करते हैं।


यह खेल तभी समझ आता है जब सरकारी नियमों से इसकी तुलना की जाए—

NHAI का स्पष्ट निर्देश है:

1. FASTag लेन में कोई वाहन 10 सेकंड से ज्यादा रुक जाए, तो वाहन को फ्री पास देना अनिवार्य है।

2. यदि कतार 100 मीटर से लंबी हो जाए, तो टोल वसूली तुरंत रोकनी पड़ेगी।


लेकिन हनुमना टोल पर इन नियमों को ऐसे रौंदा जा रहा है जैसे इनका कोई अस्तित्व ही न हो। यहाँ FASTag स्कैनिंग मशीन “सिस्टम डाउन” दिखाकर बंद कर दी जाती है, और फिर ट्रकों की कतार बनाकर ड्राइवरों को मजबूर किया जाता है कि वे जेब से पैसा निकालकर “अवैध टोल” चुकाएँ। मरीजों, बुजुर्गों और छोटे बच्चों तक को घंटों कतार में फँसे रहना पड़ता है। गर्मी, धूल और ट्रकों के धुएं के बीच लोग परेशान होते रहते हैं, लेकिन टोलकर्मियों की संवेदनहीनता कम होने का नाम नहीं लेती।


मामला तब विस्फोटक हो गया जब मौके पर मौजूद पत्रकार ने एक ट्रक ड्राइवर से बातचीत के दौरान टोलकर्मी को 500 रुपये लेते हुए VIDEO में कैद कर लिया। कैश लेने का पूरा दृश्य कैमरे में साफ-साफ दिखता है, जिससे यह साबित हो गया कि यह कोई संयोग नहीं, बल्कि संगठित अवैध वसूली है।


जैसे ही पत्रकार ने वीडियो दिखाकर टोलकर्मी से सवाल पूछे, वह बौखला गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कर्मचारी ने पत्रकार को धक्का देकर हटाने की कोशिश की, ताकि वीडियो और बयान सामने न आ सके। यह धक्का-मुक्की ऐसे समय में हुई जब सड़क पर भारी ट्रैफिक था, और कुछ ही क्षण में बड़ा हादसा हो सकता था। पत्रकार ने समझदारी दिखाते हुए खुद को सुरक्षित रखा, लेकिन इस घटना ने पूरे सिस्टम की हकीकत खोलकर रख दी।


अब स्थानीय लोग लगातार सवाल कर रहे हैं—

क्या हनुमना टोल किसी की विशेष संरक्षण में चल रहा है?

जब नियम इतने साफ हैं—तो इन पर अमल क्यों नहीं होता?

क्यों यात्रियों को लूटा जा रहा है, धमकाया जा रहा है?


यात्रियों की मांग है कि इस वायरल वीडियो, धक्का-मुक्की और अवैध वसूली की घटनाओं की तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि इस टोल प्लाज़ा पर चल रही काली कमाई पर तुरंत रोक लगे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।