Updated On: 26 Nov, 2025

“इमरान खान गायब… हत्या की आशंका तेज! 5 सबूत बढ़ा रहे मौत का शक”

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर हालात खतरनाक तरीके से उलझते जा रहे हैं। दो हफ्तों से कोई आधिकारिक अपडेट नहीं, तीन हफ्तों से परिवार को मुलाकात से रोका जाना, और अफगान मीडिया का हत्या का दावा—इन सबने हालात को और रहस्यमयी बना दिया है। सरकार खामोश है, जेल प्रशासन कुछ नहीं बोल रहा, और PTI लगातार इमरान की सेहत एवं सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रही है।

नीचे वे 5 बड़े संकेत हैं जिन्होंने संदेह को और गहरा कर दिया है—
(किसी मीडिया चैनल द्वारा मौत के दावों की पुष्टि नहीं की गई है।)

1. मेडिकल टीम की एंट्री बंद — सेहत पर गंभीर रहस्य
मार्च 2025 के बाद से किसी विश्वसनीय डॉक्टर को इमरान खान की जांच की अनुमति नहीं मिली। यह तब है जब अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा था कि उनका स्वास्थ्य नियमित रूप से चेक होना चाहिए। PTI का आरोप है कि जेल प्रशासन उनकी वास्तविक स्थिति छुपा रहा है।

2. वकीलों की मुलाकात पर ‘अनजान रोक’
इस्लामाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद एक महीने से वकीलों को जेल में घुसने नहीं दिया गया। कानूनी टीम का कहना है कि यह प्रतिबंध तभी लगाया जाता है, जब किसी ‘विशेष स्थिति’ को छिपाना जरूरी हो।

3. परिवार को लगातार गेट पर रोका गया
इमरान खान की बहनें — अलीमा, उज़्मा और नोरीन — कई बार जेल पहुंचीं, लेकिन हर बार बाहर रोक दी गईं।
25 नवंबर की रात तीनों बहनों के साथ समर्थकों ने जेल के बाहर धरना दिया। 71 वर्षीय नोरीन खान ने आरोप लगाया कि Punjab Police ने उन पर अचानक हमला किया, स्ट्रीटलाइट बंद की गईं और उन्हें बाल पकड़कर घसीटा गया। इस घटना ने संदेह को और गहरा किया।

4. 14 दिनों से कोई आधिकारिक फोटो, वीडियो या बयान नहीं
पिछले दो सालों में इमरान खान की जेल से समय-समय पर फोटो और अपडेट आते रहे, लेकिन अब पूरे 14 दिनों से कोई भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई। PTI का कहना है कि या तो उन्हें किसी गुप्त स्थान पर ले जाया गया है या वे गंभीर एकांतवास में हैं।

5. सेना प्रमुख की अचानक हाई-लेवल मीटिंग
इमरान की गायब जैसी स्थिति के बीच सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने इमरजेंसी सुरक्षा बैठक बुलाई। इसमें ISI, MI और गृह मंत्रालय के टॉप अधिकारी शामिल हुए। एजेंडा सार्वजनिक नहीं हुआ। इस गोपनीय मीटिंग ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है कि कुछ बड़ा खेल चल रहा है।

निष्कर्ष
इमरान खान से जुड़ी खामोशी, मुलाकातों पर प्रतिबंध, सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ती गतिविधि और सेना की अचानक बैठक—ये सभी संकेत पाकिस्तान की राजनीति में किसी गहरे तूफान की ओर इशारा कर रहे हैं।
स्थिति अभी भी रहस्य से घिरी है और हर नया दिन इमरान खान की सुरक्षा को लेकर सवाल और बढ़ा रहा है।