केशवाही में पुलिस की बर्बरता पर फिर मचा बवाल – आम जनता में गुस्सा, प्रशासन पर उठे सवाल
केशवाही में पुलिस की बर्बरता पर फिर मचा बवाल – आम जनता में गुस्सा, प्रशासन पर उठे सवाल
केशवाही (शहडोल)। क्षेत्र में एक बार फिर पुलिस की बर्बरता का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि बीते दिन केशवाही थाना क्षेत्र में हुई घटना के दौरान पुलिसकर्मियों ने निर्दोष युवको के साथ जिस तरह का अमानवीय व्यवहार किया, उसने पूरे इलाके में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस की इस हरकत को निंदनीय बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
लोगों के अनुसार, दुर्गा विसर्जन के समय पथराव किया जिससे विवाद में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई ने मानवता की सीमाएं लांघ दीं। बताया गया कि थाने में ले जाकर युवको को न केवल बेरहमी से पीटा गया, बल्कि उसे घंटों तक बिना किसी अपराध सिद्ध हुए हिरासत में रखा गया। परिवारजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे झूठे मामले में फंसाने का भी प्रयास किया। इस घटना की जानकारी जैसे ही लोगों को हुई, गांव के सैकड़ों लोग थाना परिसर के बाहर जमा हो गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्रामवासियों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी केशवाही पुलिस पर ऐसे आरोप लग चुके हैं कि वह गरीबों और आम नागरिकों के साथ कठोरता और दबाव की नीति अपनाती है, जबकि बड़े अपराधियों पर नरमी दिखाती है। इस बार लोगों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि बाजार और दुकानों को कुछ देर के लिए बंद कर दिया गया। लोगों ने कहा कि यदि दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
वहीं दूसरी ओर, प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। पुलिस अधीक्षक ने बयान जारी करते हुए कहा है कि चार पुलिस कर्मियों को लाइन अटैच कर दिया गया है और यदि किसी पुलिसकर्मी द्वारा शक्ति का दुरुपयोग किया गया है तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी स्थिति में कानून के दायरे से बाहर जाकर काम करना स्वीकार्य नहीं है।
हालांकि, पीड़ित परिवार अब भी डरा-सहमा हुआ है। परिवारजनों ने बताया कि उन्हें अब पुलिस से सुरक्षा की बजाय डर लगने लगा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को तत्काल निलंबित कर निष्पक्ष जांच कराई जाए।
इस पूरे प्रकरण ने केशवाही क्षेत्र की शांति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर उसके ही कुछ कर्मियों की हरकतें विभाग की छवि धूमिल कर रही हैं। स्थानीय बुद्धिजीवियों और जनप्रतिनिधियों ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त की है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी दिखाता है और क्या वाकई दोषियों को सजा मिलती है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा। फिलहाल, केशवाही की जनता पुलिस के रवैये से नाराज़ है और पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल व्याप्त है।

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