बजरंग दल ने दी चेतावनी, आज नहीं हुई कार्यवाही तो कल सड़कों पर होगा उग्र आंदोलन! ????
???? केशवाही काण्ड में प्रशासन की चुप्पी पर उबाल — बजरंग दल ने दी चेतावनी, आज नहीं हुई कार्यवाही तो कल सड़कों पर होगा उग्र आंदोलन! ????
03 तारीख को मां दुर्गा विर्सजन के दौरान विशेष समुदाय के द्वारा पत्थर बरसाया गया उसमे कई लोगों को चोंट आई जिस पर स्थानीय युवा वा आस पास के ग्रामीण इकट्ठा हो कर शांति प्रिय ढंग से आनदोलन कर रहे थे फिर भी केशवाही बुढार पुलिस के द्वारा स्थानीय लोगों को रात में बिना अरेस्ट वारंट के उठाया गया और उनके साथ जानवरों जैसा क्रूरता किया केशवाही पुलिस द्वारा की गई बर्बरता पर अब जनता और संगठनों का सब्र टूटने लगा है। घटना को बीते कई दिन बीत चुके हैं, परंतु अब तक दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यही कारण है कि बजरंग दल ने प्रशासन को अंतिम अल्टीमेटम देते हुए साफ चेतावनी दी है कि अगर आज के भीतर कार्यवाही नहीं हुई, तो कल से क्षेत्र में उग्र आंदोलन शुरू होगा।
यह मामला अब केवल एक पुलिस अत्याचार का नहीं, बल्कि जनमानस की भावनाओं और न्याय व्यवस्था पर सवाल बन चुका है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि पुलिस के कुछ अधिकारियों ने निर्दोष ग्रामीणों के साथ न केवल बर्बर व्यवहार किया, बल्कि महिलाओं और युवाओं को भी डराया-धमकाया। घटना के बाद जब लोग न्याय की गुहार लेकर थाने से लेकर जिला मुख्यालय तक पहुँचे, तब भी प्रशासन ने केवल “जांच जारी है” कहकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया।
⚡ बजरंग दल का अल्टीमेटम — अब नहीं झेलेगा अन्याय
बजरंग दल के जिला संयोजक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि “हमने प्रशासन को 09 तारीख का समय दिया था कि दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाए और पीड़ितों को न्याय मिले, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।”
उन्होंने आगे कहा कि “अगर प्रशासन आज रात तक ठोस कदम नहीं उठाता, तो कल सुबह से पूरे केशवाही, जैतपुर, कोतमा शहडोल बुढार और आस-पास के क्षेत्रों में बजरंग दल और हिंदू संगठन सड़क पर उतरेंगे, 10 तारीख को जिला मुख्यालय का का घेराव करेंगे।”
उनका यह बयान जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोगों में आक्रोश और तेजी से बढ़ गया। युवा समूहों ने पोस्टर और नारे तैयार कर लिए हैं — “अन्याय अब बर्दाश्त नहीं”, “पुलिस की गुंडागर्दी बंद करो”, “केशवाही के निर्दोषों को न्याय दो” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा है।
???? जनता में आक्रोश — प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि केशवाही जैसी घटना ने पुलिस की छवि को पूरी तरह धूमिल कर दिया है। एक पीड़ित परिवार ने बताया कि “हमने पुलिस से सुरक्षा की उम्मीद की थी, लेकिन उन्होंने ही हमारे साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया।”
महिलाओं ने बताया कि घटना की रात घरों में घुसकर मारपीट की गई और बच्चों तक को नहीं बख्शा गया।
जनता का यह भी आरोप है कि घटना को दबाने के लिए प्रशासन और कुछ अधिकारियों ने मीडिया पर भी दबाव बनाने की कोशिश की, ताकि मामला बाहर न आए। लेकिन सोशल मीडिया और स्थानीय पत्रकारों ने सच्चाई को उजागर कर दिया, जिसके बाद यह मुद्दा अब प्रदेश स्तर पर चर्चा में है।
⚠️ प्रशासन मौन — लेकिन गुस्सा बढ़ता जा रहा है
प्रशासन की ओर से अब तक केवल एक औपचारिक जांच समिति बनाई गई है, पर कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। पीड़ित परिवार न्याय की राह देख रहे हैं, जबकि पुलिस अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टाल रहे हैं।
इसी बीच, स्थानीय नेताओं ने भी प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाया है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि “जब तक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।”
???? कल से हो सकता है उग्र आंदोलन
सूत्रों के अनुसार, अगर आज देर शाम तक प्रशासन ने किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की, तो कल सुबह बजरंग दल और सैकड़ों समर्थक जिला मुख्यालय का घेराव कर सकते हैं। इस दौरान रैली, प्रदर्शन और नारेबाजी की पूरी तैयारी हो चुकी है।
आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रखने की अपील की जा रही है, लेकिन जनाक्रोश की स्थिति देखकर प्रशासन की चिंता बढ़ गई है
???? न्याय नहीं तो आंदोलन तय!
बजरंग दल ने साफ कहा है —
> “अगर निर्दोषों को न्याय नहीं मिला, तो यह लड़ाई सड़कों पर लड़ी जाएगी। हम पीछे हटने वाले नहीं।”
स्थानीय युवा, व्यापारी संगठन, और कई सामाजिक कार्यकर्ता भी अब इस आंदोलन के समर्थन में आ चुके हैं। लोगों का कहना है कि केशवाही काण्ड अब केवल एक गाँव का नहीं, बल्कि आम जनता के सम्मान और अधिकार का सवाल बन चुका है।
???? संदेश साफ है — अब और नहीं चलेगा अन्याय!
केशवाही की जनता प्रशासन से जवाब चाहती है, कार्रवाई चाहती है, और न्याय चाहती है।
अगर आज न्याय नहीं मिला, तो कल पूरा क्षेत्र “जनआक्रोश” का गवाह बनेगा — और इस बार आवाज इतनी बुलंद होगी कि उसे अनसुना करना नामुमकिन होगा।

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