Updated On: 10 Oct, 2025

जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा कब बहाल होगा? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब, 6 हफ्तों में मांगी रिपोर्ट

जम्मू-कश्मीर को फिर से पूर्ण राज्य का दर्जा कब तक मिलेगा, इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक अहम याचिका दायर की गई है। शुक्रवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस मामले पर छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने यह आदेश जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग से जुड़ी याचिकाओं के एक समूह पर सुनवाई के दौरान दिया।

मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि केंद्र सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने में कितना समय लगेगा।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
‘बार एंड बेंच’ के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र के सॉलिसिटर जनरल ने बताया है कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा के चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए हैं और वहां एक निर्वाचित सरकार भी बन चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य में काफी प्रगति हुई है, लेकिन हाल की पहलगाम हमले जैसी घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा और प्रशासनिक दृष्टि से कुछ पहलुओं पर विचार आवश्यक है। इसीलिए केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन मिलकर स्थिति का आकलन कर रहे हैं।

कोर्ट ने कहा, “सॉलिसिटर जनरल ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है। हम केंद्र को छह सप्ताह का समय देते हैं ताकि वह याचिकाओं का विस्तृत जवाब दाखिल कर सके।”

पृष्ठभूमि क्या है?
गौरतलब है कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 को निरस्त करते हुए जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया था। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के तहत राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों—जम्मू-कश्मीर और लद्दाख—में विभाजित किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2023 में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के फैसले को बरकरार रखा था, लेकिन राज्य के पूर्ण दर्जे की बहाली पर कोई स्पष्ट समयसीमा तय नहीं की थी। अब एक बार फिर अदालत ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

इस बीच, जम्मू-कश्मीर के लोगों की निगाहें अब केंद्र के जवाब और सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं—क्या जल्द ही लौटेगा राज्य का दर्जा?