Updated On: 10 Oct, 2025

बुढार जनपद बना गंदगी और नशे का अड्डा — शौचालय में मिली शराब की बोतलें और नशीली सिरप की सीसी, स्वच्छता मिशन की उड़ रही धज्जियां!

बुढार जनपद में गंदगी का अंबार — जनपद खुद बीमार!
स्वच्छता के साथ अब नैतिकता भी सवालों में, शौचालय में मिली नशीली सिरप की सीसी और शराब की बोतलें!
बुढार (शहडोल)।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी संभालने वाला बुढार जनपद पंचायत कार्यालय खुद गंदगी और लापरवाही का केंद्र बन चुका है। जनपद भवन के चारों ओर फैली गंदगी, दुर्गंध और अव्यवस्था यह दर्शाती है कि स्वच्छता अभियान सिर्फ कागज़ों पर ही सीमित है।
जनपद परिसर के चारों ओर कचरे का ढेर लगा है, नालियां जाम हैं, दीवारों पर गंदगी और गुटखा-पान की पीक आम दृश्य हैं। गंदे पानी का जमावड़ा मच्छरों को पनपने का अवसर दे रहा है, जिससे कर्मचारियों और आम नागरिकों को बीमारी का खतरा बढ़ गया है। लेकिन इस सबके बीच एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है — जनपद के शौचालय में नशीली सिरप की सीसी और शराब की बोतलें पाई गईं।
यह नजारा देखकर हर कोई दंग रह गया। जिस शौचालय का निर्माण स्वच्छता के उद्देश्य से हुआ था, वह अब नशे का अड्डा बन चुका है। स्थानीय कर्मचारियों और आने-जाने वाले लोगों के अनुसार, देर शाम यहां कुछ अराजक तत्व शराब और नशीली दवाओं का सेवन करते हैं, और सुरक्षा व्यवस्था का कोई नामोनिशान नहीं है।
ग्राम पंचायतों को ODF (Open Defecation Free) घोषित करने वाले इस जनपद कार्यालय का खुद का हाल बद से बदतर है। शौचालयों में सफाई का अभाव, टूटी सीटें, नल सूखे पड़े हैं और अब तो नशे की सामग्री मिलने से यह सवाल और गहरा गया है — आखिर यह कैसी स्वच्छता और कैसी जिम्मेदारी?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार इस विषय में अधिकारियों को सूचित किया गया, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। न तो सुरक्षा बढ़ाई गई, न ही नियमित सफाई कराई गई। जनपद के ही कर्मचारी नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं कि सफाई कर्मचारियों की हाजिरी कागज़ों पर लगती है, लेकिन मैदान में कोई काम नहीं होता।

यह शर्मनाक स्थिति न केवल स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्य को धक्का पहुँचाती है, बल्कि शासन-प्रशासन की लापरवाही की पोल भी खोलती है। जब जनपद कार्यालय ही नशे का अड्डा और गंदगी का घर बन जाए, तो गांवों में स्वच्छता और अनुशासन की उम्मीद करना व्यर्थ है।
अब ज़रूरत है कि उच्च अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर जांच करें और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई करें।
जनपद को स्वच्छ और सम्मानजनक बनाना सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
फिलहाल, बुढार जनपद की स्थिति यही कहती है जहां सफाई की जिम्मेदारी है, वहीं गंदगी और नशे का अड्डा बन गया है जनपद कार्यालय।