Updated On: 12 Oct, 2025

अमलाई OCM में मौत की मिट्टी! घंटों बीत गए, न कर्मचारी मिला न डोज़र — RKTC की लापरवाही ने निगल ली ज़िंदगी

शहडोल के अमलाई OCM में हुई यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं — यह सिस्टम, नियमन और मानव जीवन के प्रति घोर उपेक्षा की शर्मनाक तस्वीर है। मिट्टी धंसने के बाद किसी तरह की तत्पर सुरक्षा सुनिश्चित न होना, घंटों गुजर जाने के बावजूद शव/श्रमिक और डोजर न मिलना — ये सब बताता है कि यहाँ जान को तुच्छ मानने वाली एक संस्कृति पनप रही है।

स्थानीय निवासियों और मजदूरों का आरोप है कि RKTC कंपनी को पहले भी इलाके में मिट्टी स्लाइडिंग का खतरा बताया गया था, पर कंपनी ने चेतावनियों को हवा में उड़ा दिया। अगर यह सच है — और मौके पर मौजूद हालात यही संकेत देते हैं — तो यह निंदनीय लापरवाही है। सुरक्षा उपकरण, इमरजेंसी प्लान और तत्काल बचाव की प्रतिबद्धता का अभाव दिखाता है कि कंपनी ने मजदूरों की जिंदगियों को अपने मुनाफे से कम आँका।

घटना के बाद प्रशासन की धीमी प्रतिक्रिया और बचाव कार्य में देरी पर भी कड़ा प्रश्न उठता है। इतनी स्पष्ट और जानलेवा स्थिति में घंटों बीत जाने के बाद तक संभवतः मृत या जले हुए कर्मी का न मिलना — क्या यह अक्षमता है या दुर्भावनापूर्ण उदासीनता? स्थानीय लोग और परिवार सतर्कता एवं पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं — उन्हें सच्चाई चाहिए, सांत्वना नहीं।

अब तत्काल माँगें ये हैं:

1. घटना की तत्काल, स्वतंत्र और सार्वजनिक जांच — राज्य/केंद्र की निगरानी में।

2. दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई और जिम्मेदार प्रबंधकों की नियत: बर्खास्तगी एवं आपराधिक जांच।

3. खदानों में काम कर रहे सभी श्रमिकों के लिए नए, सख्त सुरक्षा मानक और नियमित निरीक्षण लागू।

यह सिर्फ एक खबर नहीं — यह चेतावनी है। अगर खनन कंपनियां और प्रशासन समय रहते सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं देंगे, तो ऐसे हादसे दोहराए जाएंगे। शहडोल की जनता अब सिर्फ रिपोर्ट नहीं चाहती — वह जवाबदेही और तत्काल कार्रवाई की मांग करती है।